बेंगलुरु: इंक42 की 3 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक़, 28 सितंबर से 2 अक्टूबर के हफ़्ते में भारतीय स्टार्टअप्स ने 16 सौदों में 23.36 करोड़ डॉलर जुटाए, जो पिछले हफ़्ते के 20.3 करोड़ डॉलर से 14.9 फ़ीसदी ज़्यादा है। सौदों की संख्या 23.8 फ़ीसदी घटी, और ज़्यादातर पैसा एक ही दौर में आया।
ऑटोकार प्रोफ़ेशनल की 30 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक़, बेंगलुरु की इलेक्ट्रिक दोपहिया निर्माता सिंपल एनर्जी ने 1,750 करोड़ रुपये, यानी करीब 18 करोड़ डॉलर का सीरीज़ सी दौर पूरा किया, जो पूरा का पूरा इक्विटी में है। कंपनी ने इसे अब तक का अपना सबसे बड़ा दौर बताया और कहा कि यह किसी भारतीय इलेक्ट्रिक दोपहिया निर्माता का तीसरा सबसे बड़ा दौर है।
दौर की अगुवाई अरोकियास्वामी वेलुमणि के फ़ैमिली ऑफ़िस ने की। संस्थापक और मुख्य कार्यकारी सुहास राजकुमार और सह-संस्थापक व मुख्य वित्त अधिकारी अंकित गुप्ता ने भी इसमें हिस्सा लिया, साथ में बेंगलुरु के उच्च संपत्ति वाले निवेशक अमित मिश्रा और हरन फ़ैमिली ऑफ़िस भी। कंपनी ने अपना मूल्यांकन या हर निवेशक का योगदान नहीं बताया।
सिंपल एनर्जी ने कहा कि पैसा एक नए विनिर्माण संयंत्र, ज़्यादा उत्पादन, बिक्री और सर्विस नेटवर्क के विस्तार, भर्ती, मार्केटिंग, आपूर्ति श्रृंखला, और अगले उत्पाद चक्र के लिए शोध और विकास में लगेगा। 2019 में राजकुमार की स्थापित कंपनी, जिसमें श्रेष्ठ मिश्रा सह-संस्थापक हैं, अपना चेसिस, बैटरी, मोटर और सॉफ़्टवेयर ख़ुद बनाती है, और हर महीने 10,000 इकाइयां बना सकती है। उसके 60 से ज़्यादा शहरों में 80 से ज़्यादा आउटलेट हैं और वह दो मॉडल बेचती है, सिंपल वेव और सिंपल अल्ट्रा। कंपनी अब तक कुल 2,530 करोड़ रुपये से ज़्यादा जुटा चुकी है।
इंक42 के मुताबिक़, सिंपल एनर्जी के बाद सबसे बड़े दौर काफ़ी छोटे थे। रियल एस्टेट टेक्नोलॉजी कंपनी ग्रैविटी ने 1.5 करोड़ डॉलर जुटाए। कर्ज़दाता सीड्स फ़िनकैप और कृषि तकनीक कंपनी बलवान कृषि, दोनों ने सीरीज़ बी दौर में 1.04-1.04 करोड़ डॉलर जुटाए, और शिक्षा तकनीक कंपनी अरिविहान ने सीरीज़ ए दौर में 1.02 करोड़ डॉलर जुटाए।
मूल्य के हिसाब से क्लीन टेक्नोलॉजी हफ़्ते में सबसे आगे रही। सौदों की संख्या में एक बार फिर ई-कॉमर्स स्टार्टअप आगे रहे, जिनमें चार कंपनियों ने मिलकर 38 लाख डॉलर जुटाए। अल्टेरिया कैपिटल सबसे सक्रिय निवेशक रही, जिसने तीन स्टार्टअप में पैसा लगाया।
इंक42 के मुताबिक़, पिछले हफ़्ते की रिपोर्ट की दूसरी ख़बरों में केंद्र का एक राष्ट्रीय फ़्रंटियर एआई और कंप्यूट फ़ंड में 15,000 करोड़ से 20,000 करोड़ रुपये के एंकर निवेश पर विचार, भारतीय ब्यूटी ब्रांडों में निवेश के लिए नायका और लॉरियाल के बोल्ड फ़ंड की साझेदारी, और पुरानी कारों के प्लेटफ़ॉर्म स्पिनी का गोपनीय आईपीओ मसौदा दाख़िल करना शामिल था।
निवेशकों में, डब्ल्यूईएच वेंचर्स ने 250 करोड़ रुपये के लक्ष्य वाले अपने तीसरे फ़ंड के पहले चरण की घोषणा की, और पीक एक्सवी पार्टनर्स ने 18 स्टार्टअप्स के साथ अपने सर्ज एक्सेलेरेटर का बारहवां बैच शुरू किया।
इंक42 की 26 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक़, उससे पिछले हफ़्ते स्टार्टअप्स ने 21 सौदों में 20.34 करोड़ डॉलर जुटाए थे, जिसमें इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल निर्माता अल्ट्रावायलेट ऑटोमोटिव का याली कैपिटल और टीडीके वेंचर्स के समर्थन वाला 8.5 करोड़ डॉलर का सीरीज़ ई दौर और आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस कंपनी एमा का क्रिएजिस की अगुवाई में 7.7 करोड़ डॉलर का सीरीज़ बी दौर सबसे आगे थे। उस हफ़्ते पांच एआई स्टार्टअप्स ने 8.93 करोड़ डॉलर जुटाए, और सौदों की संख्या में फिर ई-कॉमर्स आगे रहा।
हाल के हफ़्तों में साप्ताहिक आंकड़े काफ़ी ऊपर-नीचे हुए हैं। इंक42 की साप्ताहिक रिपोर्टों के मुताबिक़, 26 सितंबर तक के हफ़्ते में स्टार्टअप्स ने करीब 20.3 करोड़ डॉलर, उससे पहले के हफ़्ते में करीब 5.9 करोड़ डॉलर, 12 सितंबर तक के हफ़्ते में 32.19 करोड़ डॉलर और 5 सितंबर तक के हफ़्ते में 17.7 करोड़ डॉलर जुटाए।
शेयर बाज़ार भी नई अर्थव्यवस्था की कंपनियों को जगह दे रहा है। इंक42 के मुताबिक़, इसी हफ़्ते कर्ज़ देने वाला ऐप मनीव्यू 1 अक्टूबर को अपने इश्यू भाव से 64 फ़ीसदी प्रीमियम पर लिस्ट हुआ, और स्नैपडील की मूल कंपनी एसवेक्टर 5 अक्टूबर को इश्यू भाव से 11.6 फ़ीसदी नीचे लिस्ट हुई।
सिंपल एनर्जी का अकेला दौर पिछले चार में से दो हफ़्तों में सभी भारतीय स्टार्टअप्स की कुल जुटाई रक़म से ज़्यादा था।










