लखनऊ: एचसीएल समूह ने लखनऊ के अपने आईटी सिटी कैंपस के 500 करोड़ रुपये के दूसरे चरण का ऐलान किया है, और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य राजधानी में भारत की पहली एआई सिटी विकसित करने पर काम कर रहा है, जहां कम से कम 50 विश्वस्तरीय एआई स्टार्टअप का लक्ष्य है।
फ़्री प्रेस जर्नल के अनुसार ये घोषणाएं मंगलवार, 6 अक्टूबर को एचसीएलटेक के लखनऊ कैंपस के 10 साल पूरे होने के कार्यक्रम में हुईं, जिसमें एचसीएलटेक की चेयरपर्सन रोशनी नादर मल्होत्रा और शिव नादर फ़ाउंडेशन के चेयरमैन शिखर मल्होत्रा मौजूद थे।
फ़्री प्रेस जर्नल और डिजिटल टर्मिनल के अनुसार दूसरा चरण क़रीब 20 एकड़ में बनेगा और इसमें क़रीब 9.5 लाख वर्ग फ़ुट जगह जुड़ेगी, जिसमें क़रीब 5,000 सीटों वाली नई आईटी इमारत भी है। इससे क़रीब 6,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार बनने की उम्मीद है।
एचसीएल स्थानीय कॉलेजों के 1,000 छात्रों के लिए एआई प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू करेगी। 10 से 11 साल में राज्य में एचसीएल के कार्यक्रम 3,000 से ज़्यादा गांवों में 50 लाख से ज़्यादा लोगों तक पहुंचे हैं, जिनका ज़ोर ग्रामीण आजीविका और शिक्षा पर रहा है।
कुछ रिपोर्टों में नई क्षमता का आंकड़ा कम बताया गया। व्हेल्सबुक और स्कैनएक्स के अनुसार विस्तार में 4,500 तकनीकी पेशेवरों के लिए जगह होगी। स्कैनएक्स के मुताबिक़ आईटी सिटी कैंपस में अभी 12,500 से ज़्यादा लोग काम करते हैं और यह 150 से ज़्यादा वैश्विक ग्राहकों को सेवा देता है।
व्हेल्सबुक और स्कैनएक्स के अनुसार 1,000 छात्रों का एआई कार्यक्रम 2026-27 में एचसीएल की लिटमस पहल के तहत चलेगा, और कंपनी ने कैंपस में एआई और डेटा एनालिटिक्स के प्रशिक्षण के लिए एचसीएल-गुवी इमर्जिंग टेक्नोलॉजी सेंटर खोला है। स्कैनएक्स ने बताया कि एचसीएल का टेकबी कार्यक्रम उत्तर प्रदेश के 2,200 से ज़्यादा उम्मीदवारों को प्रशिक्षण और नौकरी दे चुका है और इलाक़े के 40 से ज़्यादा इंजीनियरिंग कॉलेजों के साथ काम करता है। उसने एचसीएलटेक को राज्य का सबसे बड़ा निजी नियोक्ता बताया, जिसके नोएडा और लखनऊ में 50,000 से ज़्यादा कर्मचारी हैं। यह उसके वैश्विक कार्यबल का क़रीब 23 प्रतिशत है, और इनमें क़रीब 75 प्रतिशत स्थानीय भर्ती हैं।
डिजिटल टर्मिनल के अनुसार रोशनी नादर मल्होत्रा ने कहा, "उत्तर प्रदेश एचसीएल समूह की कर्मभूमि और घर है।"
आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य लखनऊ में एआई सिटी की योजना पर तेज़ी से काम कर रहा है। फ़्री प्रेस जर्नल के अनुसार उन्होंने कहा, "लक्ष्य लखनऊ में कम से कम 50 विश्वस्तरीय एआई स्टार्टअप स्थापित करना, उन्हें मज़बूत करना और वैश्विक बाज़ार तक पहुंचाना है।" अख़बार के अनुसार सरकार पांच साल तक इन्हें पूरा सहयोग देगी।
उन्होंने कहा, "अपनी नई स्टार्टअप नीति के तहत हमने नोएडा और लखनऊ को डीप टेक हब के रूप में विकसित करने का फ़ैसला किया है, और इस पर काम लगातार आगे बढ़ रहा है।" वे चाहते हैं कि लखनऊ एआई, सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा, कंप्यूटिंग तकनीक और डीप टेक का केंद्र बने।
आदित्यनाथ ने कहा, "आज मैं कहता हूं कि अपनी अनमोल धरती के साथ-साथ हमारे पास सबसे युवा कार्यबल है।" शहर में कंपनी के दशक पर उन्होंने कहा, "एचसीएल ने यहां दस साल पूरे कर लिए हैं, यह एक यात्रा का पहला पड़ाव है।"
फ़्री प्रेस जर्नल के अनुसार उत्तर प्रदेश में सात सॉफ़्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क चल रहे हैं, और वाराणसी, बरेली, कानपुर और गोरखपुर में नए बन रहे हैं।
कार्यक्रम में बताए गए और डिजिटल टर्मिनल में छपे आंकड़ों के अनुसार राज्य का आईटी और आईटी आधारित सेवाओं का निर्यात एक दशक पहले के 12,000 से 15,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 1 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा हो गया है, और चार साल में 2.5 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य है। इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 3,800 करोड़ रुपये से बढ़कर 45,000 करोड़ रुपये हो गया है, और 2030 का लक्ष्य 2 लाख करोड़ रुपये है।
रिपोर्टों में एचसीएल के विस्तार की समय-सीमा, या एआई सिटी की जगह और बजट नहीं बताया गया।





