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तिरुमला में इस साल का दूसरा ब्रह्मोत्सवम 12 अक्टूबर से, गरुड़ सेवा 16 अक्टूबर को

रात में रोशनी से जगमगाता तिरुमला मंदिर का गोपुरम और सुनहरे छत्र के नीचे शोभायात्रा में देव प्रतिमा

तिरुपति: तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) 12 से 20 अक्टूबर तक तिरुमला में भगवान वेंकटेश्वर का नवरात्रि ब्रह्मोत्सवम मनाएगा। तेलंगाना टुडे और डेक्कन क्रॉनिकल में छपे अक्टूबर के मंदिर कार्यक्रम के मुताबिक़ यह इस साल पहाड़ी मंदिर का दूसरा ब्रह्मोत्सवम है।

डेक्कन क्रॉनिकल के अनुसार अनुष्ठान 11 अक्टूबर को शाम 7 बजे से 9 बजे तक अंकुरार्पणम के साथ शुरू होंगे। उत्सव की औपचारिक शुरुआत अगले दिन, 12 अक्टूबर को होगी, और यह 20 अक्टूबर तक कुल नौ दिन चलेगा। इसके सबसे बड़े आयोजनों में से एक, गरुड़ सेवा, 16 अक्टूबर को है, और उत्सव का समापन करने वाला चक्र स्नानम 20 अक्टूबर को होगा।

ब्रह्मोत्सवम वेंकटेश्वर मंदिर का सबसे महत्वपूर्ण सालाना उत्सव है, जिसमें दुनिया भर से तीर्थयात्री आते हैं। यह नाम "ब्रह्म" और "उत्सवम" से बना है; मान्यता है कि ब्रह्मा स्वयं धरती पर उतरकर यह उत्सव कराते हैं। यह आम तौर पर सितंबर या अक्टूबर में, तेलुगु महीने आश्वयुज में, नौ दिन चलता है।

जब तेलुगु कैलेंडर में एक अतिरिक्त महीना, यानी अधिक मास, होता है, तब मंदिर एक ही साल में दो ब्रह्मोत्सवम मनाता है: सालाना सालकटला ब्रह्मोत्सवम और नवरात्रि ब्रह्मोत्सवम। ऐसा पिछली बार 2015, 2018, 2020 और 2023 में हुआ था। इस साल सालकटला ब्रह्मोत्सवम सितंबर में हुआ और 23 सितंबर को ख़त्म हुआ, इसलिए नवरात्रि उत्सव तीन हफ़्ते से भी कम समय बाद आ रहा है।

सालाना उत्सव में पहले दिन ध्वजारोहणम होता है, यानी गरुड़ ध्वज फहराया जाता है, जो उत्सव की शुरुआत का प्रतीक है। इसके बाद हर दिन भगवान की शोभायात्रा अलग-अलग वाहनों पर निकलती है, जिनमें शेषनाग, हंस, सिंह, रथ, हाथी और घोड़े जैसे रूप शामिल हैं। मुख्य रथयात्रा आठवें दिन और चक्र स्नानम नौवें दिन होता है।

दोनों उत्सवों के कुछ अनुष्ठान अलग हैं। तीर्थ यात्रा वेबसाइट के अनुसार नवरात्रि उत्सव में 19 अक्टूबर को सोने के रथ की यात्रा, स्वर्ण रथोत्सवम, होगी, जबकि सितंबर के उत्सव में 22 सितंबर को रथोत्सवम हुआ था।

वाहन सेवाएं आम तौर पर सुबह 8 से 10 बजे और शाम 7 से 9 बजे तक होंगी। 16 अक्टूबर का गरुड़ वाहनम ज़्यादा देर, शाम 6.30 बजे से रात 11.30 बजे तक चलेगा। डेक्कन क्रॉनिकल में छपा दिन-वार कार्यक्रम:

आख़िरी दिन मंदिर के चक्र को अनुष्ठानिक स्नान कराया जाता है, जिसे चक्र स्नानम कहते हैं। इसके बाद चक्र को एक ऊंचे चबूतरे पर रखा जाता है और श्रद्धालु उसके नीचे से गुज़रते हैं, ताकि उससे टपकते जल से उन्हें आशीर्वाद मिले। तेलंगाना टुडे के मुताबिक़ 20 अक्टूबर को श्री वेदांत देशिक सात्तुमोरा भी होगा।

तेलंगाना टुडे ने नवरात्रि ब्रह्मोत्सवम को तिरुमला में इस महीने का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन बताया है, और यह उत्सव भरे-पूरे धार्मिक कैलेंडर के बीच है। अक्टूबर के लिए जारी कार्यक्रम के अनुसार उत्सव ख़त्म होने के बाद 21 अक्टूबर को भूदत्तालवार वर्ष तिरु नक्षत्रम है, और महीने के बड़े आयोजन 26 अक्टूबर को पूर्णिमा गरुड़ सेवा के साथ पूरे होंगे।

डेक्कन क्रॉनिकल के मुताबिक़ टीटीडी को नौ दिनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है और वह दर्शन और तीर्थयात्री सेवाओं के लिए विशेष इंतज़ाम करेगा। तीर्थ यात्रा वेबसाइट के अनुसार अक्टूबर के दर्शन टिकट जुलाई में जारी किए गए थे।

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