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तेलंगाना

तेलंगाना ने 6.9 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों के दो लंबित डीए मंज़ूर किए, बकाया 6,174 करोड़ रुपये

हैदराबाद में बाड़ वाली सड़क और स्ट्रीट लैंप के पीछे गुंबदों वाला सफ़ेद तेलंगाना सचिवालय

हैदराबाद: तेलंगाना कैबिनेट ने गुरुवार, 1 अक्टूबर को राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) की दो किश्तें, और पेंशनरों के लिए उसी हिसाब से महंगाई राहत, मंज़ूर की। ये 2024 से लंबित थीं।

डेक्कन क्रॉनिकल के अनुसार बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने की और फ़ैसलों की जानकारी सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने दी।

दोनों किश्तें 1 जनवरी 2024 और 1 जुलाई 2024 से देय हैं। डेक्कन क्रॉनिकल ने 2 अक्टूबर को बताया कि पहली किश्त 3.64 प्रतिशत है, जिससे कुल डीए 37.31 प्रतिशत हो जाता है, और दूसरी 2.73 प्रतिशत, जिससे यह 40.04 प्रतिशत हो जाता है। बैठक से पहले डेक्कन क्रॉनिकल और द हंस इंडिया ने दूसरी किश्त 2.74 प्रतिशत बताई थी।

दोनों मिलकर 6.37 प्रतिशत अंक जोड़ती हैं। द हंस इंडिया के अनुसार 1 लाख रुपये मूल वेतन वाले कर्मचारी को हर महीने 6,370 रुपये ज़्यादा मिलेंगे। बढ़ोतरी अक्टूबर के वेतन में जुड़ेगी, जो 1 नवंबर को खाते में आता है।

डेक्कन क्रॉनिकल के अनुसार इस फ़ैसले के दायरे में 6,91,940 लोग आते हैं: सामान्य भविष्य निधि वाले 1,34,671 कर्मचारी, अंशदायी पेंशन योजना वाले 2,21,464 कर्मचारी, और 2,94,945 पेंशनर।

दोनों किश्तों का बकाया 6,174 करोड़ रुपये है: पहले डीए के 33 महीनों का 3,810 करोड़ रुपये और दूसरे के 27 महीनों का 2,364 करोड़ रुपये। द हंस इंडिया के अनुसार बकाया किश्तों में दिया जाएगा और इसके कर्मचारियों के सामान्य भविष्य निधि खातों में जमा होने की संभावना है। जिन कर्मचारियों या पेंशनरों का निधन हो चुका है, उनकी रक़म क़ानूनी वारिसों को मिलेगी।

बढ़े हुए डीए से राज्य पर हर महीने क़रीब 208 करोड़ रुपये, यानी साल में क़रीब 2,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ख़र्च आएगा। डेक्कन क्रॉनिकल के अनुसार डीए की तीन और किश्तें, जिनका बकाया 5,102 करोड़ रुपये है, अब भी लंबित हैं। अंशकालिक सहायकों और ग्राम राजस्व सहायकों को 1 जनवरी 2024 से हर महीने 100 रुपये की बढ़ोतरी मिलेगी।

कैबिनेट ने केंद्र से सूखा प्रभावित मंडल घोषित करने और आर्थिक मदद देने की अपील की, तुरंत राहत पर कैबिनेट उप-समिति बनाई, और सर्वदलीय बैठक व किसानों और विशेषज्ञों से सलाह का निर्देश दिया। उसने धान ख़रीद केंद्र जल्द खोलने को कहा; नागरिक आपूर्ति विभाग का अनुमान है कि 65 लाख टन धान ख़रीदना होगा।

डेक्कन क्रॉनिकल के अनुसार बिजली की अधिकतम मांग रिकॉर्ड 19,892 मेगावाट पर पहुंच गई है, जबकि सामान्य मांग 15,000 मेगावाट रहती है। कैबिनेट ने 7,800 मेगावाट नवीकरणीय क्षमता जोड़ने को मंज़ूरी दी: 3,000 मेगावाट सौर, 4,000 मेगावाट बैटरी स्टोरेज और 800 मेगावाट पवन ऊर्जा।

कैबिनेट ने जलयज्ञम योजना के तहत ईपीसी मॉडल पर शुरू हुई 10 अधूरी सिंचाई परियोजनाओं को रोककर नए टेंडर निकालने का फ़ैसला किया। उसने रंगारेड्डी ज़िले के अब्दुल्लापुरमेट मंडल के कोहेडा में एकीकृत फल बाज़ार के पहले चरण के लिए 650 करोड़ रुपये मंज़ूर किए, और केंद्र के साथ राज्य की परियोजनाओं और धन का तालमेल करने के लिए नई दिल्ली के तेलंगाना भवन में एक उप आयुक्त का पद और ग्रुप-1 के चार और अधिकारियों को मंज़ूरी दी।

बैठक से पहले द हंस इंडिया ने बताया था कि कैबिनेट में दूसरी वेतन संशोधन आयोग रिपोर्ट, अंशदायी पेंशन योजना की जगह पुरानी पेंशन योजना लाने की मांग और 5 लाख रुपये की इंदिराम्मा परिवार बीमा योजना पर भी चर्चा की उम्मीद है। बैठक के बाद की रिपोर्टों में इन पर किसी फ़ैसले का ज़िक्र नहीं है। डेक्कन क्रॉनिकल ने कालेश्वरम परियोजना की बहाली और मूसी कायाकल्प परियोजना को भी कैबिनेट के विषयों में गिनाया था, और द हंस इंडिया ने पॉलिटेक्निक कॉलेजों को मिलाकर स्किल्स यूनिवर्सिटी बनाने पर केशव राव समिति की रिपोर्ट को।

कैबिनेट को उप मुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क की अध्यक्षता वाली उस उप-समिति से स्थिति रिपोर्ट भी मिलनी थी, जो तेलंगाना राइज़िंग ग्लोबल समिट 2.0 की तैयारी कर रही है। द हंस इंडिया के अनुसार अगस्त में कैबिनेट ने फ़्यूचर सिटी में 7 दिसंबर से "इन्वेस्ट तेलंगाना" थीम पर समिट कराने को मंज़ूरी दी थी, जिसका ज़ोर रक्षा, एयरोस्पेस और फ़ार्मा पर है।

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