मुख्य सामग्री पर जाएं
सब्सक्राइब EEST TV वेबसाइटवेबसाइट

EEST TV ई-पेपर, बुधवार, 7 अक्टूबर 2026

पेज 1 पर लौटें: पहला पन्ना

उत्तराखंड

उत्तराखंड कैबिनेट की बनबसा में बैठक, 1.19 लाख छात्रों के लिए 200 करोड़ की कौशल योजना समेत 24 प्रस्ताव मंज़ूर

नीले आसमान के नीचे बनबसा में बैराज के ऊपर लंबा स्टील पुल और चौड़ा ठहरा पानी

देहरादून: उत्तराखंड कैबिनेट ने रविवार, 4 अक्टूबर को चंपावत ज़िले के बनबसा में बैठक कर 24 प्रस्ताव मंज़ूर किए, जिनमें उच्च शिक्षा के छात्रों का कौशल बढ़ाने के लिए 200 करोड़ रुपये की योजना शामिल है।

इंडियन मास्टरमाइंड्स के अनुसार बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की, जिन्होंने कहा कि अब कैबिनेट की बैठकें सिर्फ़ देहरादून में नहीं, अलग-अलग ज़िलों में होंगी। एपीएसी न्यूज़ नेटवर्क के अनुसार बैठक बनबसा के एनएचपीसी गेस्ट हाउस में हुई; उसने तारीख़ 7 अक्टूबर बताई, जबकि सोशल न्यूज़ एक्सवाईज़ेड और इंडियन मास्टरमाइंड्स ने 4 अक्टूबर।

घनम्मा के अनुसार बनबसा में यह पहली कैबिनेट बैठक थी, जो धामी के गृह निर्वाचन क्षेत्र में है, और सरकार ने कहा कि फ़ैसलों का मक़सद "सीमांत और पर्वतीय इलाक़ों में बुनियादी ढांचे के विकास को तेज़ करना और जन सेवाओं को आसान बनाना" है।

कैबिनेट ने मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना 2026 को मंज़ूरी दी, जिस पर पांच साल में 200 करोड़ रुपये, यानी साल में क़रीब 40 करोड़ रुपये ख़र्च होंगे। एपीएसी के अनुसार इसका मक़सद सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों और उनसे संबद्ध कॉलेजों के क़रीब 1.19 लाख छात्रों की रोज़गार क्षमता और उद्यमिता बढ़ाना है।

कैबिनेट ने वर्ग-3 और वर्ग-4 के पात्र पट्टाधारकों और क़ाबिज़ लोगों को भूमिधरी, यानी मालिकाना, अधिकार दिए, जिनमें नैनीताल ज़िले की लालकुआं नगर पंचायत भी शामिल है। इंडियन मास्टरमाइंड्स के अनुसार नियमितीकरण में देहरादून ज़िले का जौनसार-बावर भी शामिल है, और एक साल तक 2004 के सर्किल रेट लागू होंगे, उसके बाद मौजूदा रेट। सोशल न्यूज़ एक्सवाईज़ेड के अनुसार खटीमा, बनबसा और चंपावत में नज़ूल भूमि के नियमितीकरण की प्रक्रिया भी मंज़ूर हुई।

एपीएसी के अनुसार उत्तराखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम के संशोधन विधेयक में 2026 से 2031 तक सालाना राजकोषीय घाटे को राज्य सकल घरेलू उत्पाद के 3 प्रतिशत और कुल क़र्ज़ को 30 प्रतिशत तक सीमित किया गया है, जिसमें आपदा और सुरक्षा आपात स्थिति में छूट होगी। नया उत्तराखंड सिंचाई और जल निकासी विधेयक 2026, 1873 के नॉर्दर्न इंडिया कैनाल एंड ड्रेनेज एक्ट की जगह लेगा।

सोशल न्यूज़ एक्सवाईज़ेड ने तराई विकास निगम के लिए 66 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की बात कही; एपीएसी के अनुसार पंतनगर हवाई अड्डे के विस्तार से जुड़े निर्माण के लिए उत्तराखंड बीज एवं तराई विकास निगम को 66.29 करोड़ रुपये जारी किए गए, और घनम्मा ने पाने वालों में सिडकुल और तराई विकास निगम का नाम लिया।

सोशल न्यूज़ एक्सवाईज़ेड के अनुसार समूह क और ग के सरकारी कर्मचारियों को अब हर साल और समूह ख के कर्मचारियों को हर पांच साल अपनी संपत्ति का ब्योरा देना होगा। कर्मचारियों को सरकार से कारोबार करने वालों के साथ संपत्ति के लेन-देन की जानकारी भी देनी होगी। इंडियन मास्टरमाइंड्स के अनुसार डिप्टी जेलर समेत समूह ग के कुछ पदों पर अब इंटरव्यू नहीं होंगे, जहां भर्ती में पहले से शारीरिक और लिखित परीक्षा है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 19(3) के तहत सहायक अभियोजन अधिकारियों की नियुक्ति भी हो सकेगी।

यह ख़बर EEST TV पर पढ़ें

सभी पेज

EEST TV ई-पेपर EEST TV का डिजिटल प्रकाशन है। इसकी सामग्री eesttv.in से ली जाती है: हर तारीख़ के संस्करण में उसी दिन प्रकाशित ख़बरें होती हैं। कोई छपा संस्करण प्रकाशित नहीं होता।

ई-पेपर की तारीख़ चुनें

हर तारीख़ के संस्करण में उसी दिन प्रकाशित ख़बरें होती हैं। जिन तारीख़ों पर ख़बरें नहीं हैं, उनका संस्करण नहीं होता।

ई-पेपर