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फ़ैक्ट चेक

फ़ैक्ट चेक: नहीं, केंद्र ने सरकारी बैंकों में हर शनिवार छुट्टी घोषित नहीं की है

दिल्ली के चांदनी चौक में भारतीय स्टेट बैंक की शाखा की क्रीम रंग की पुरानी इमारत, नीले एसबीआई बोर्ड के साथ

नई दिल्ली: सरकारी गज़ट अधिसूचना जैसा दिखने वाला एक दस्तावेज़ सोशल मीडिया पर इस दावे के साथ शेयर हो रहा है कि "केंद्र सरकार ने एसबीआई समेत सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए हर शनिवार सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया है।" यह दावा ग़लत है।

निष्कर्ष: फ़र्ज़ी। पत्र सूचना कार्यालय की फ़ैक्ट-चेक इकाई, पीआईबी फ़ैक्ट चेक, ने 1 अक्टूबर को कहा कि यह दस्तावेज़ फ़र्ज़ी है और ऐसा कोई आदेश जारी नहीं हुआ है।

फ़्री प्रेस जर्नल, पंजाब केसरी और सोशल न्यूज़ एक्सवाईज़ेड में छपी रिपोर्टों के मुताबिक़ पीआईबी फ़ैक्ट चेक ने कहा, "शेयर किया जा रहा दस्तावेज़ फ़र्ज़ी है। वित्त मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए हर शनिवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने वाली ऐसी कोई अधिसूचना जारी नहीं की है।"

इकाई ने कहा कि वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग ने ऐसी कोई अधिसूचना जारी नहीं की, और दस्तावेज़ में यह फ़ैसला ग़लत तरीक़े से केंद्र सरकार के नाम किया गया है। फ़्री प्रेस जर्नल के अनुसार पीआईबी ने कहा कि यह "कोई आधिकारिक सरकारी आदेश नहीं है", और ग्राहक इसके भरोसे यह नहीं मान सकते कि सरकारी बैंकों की शाखाएं हर शनिवार बंद रहेंगी।

पीआईबी ने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर शेयर हो रहे बिना पुष्टि वाले दस्तावेज़ों पर भरोसा न करें, सरकार से जुड़ी जानकारी आगे भेजने से पहले आधिकारिक माध्यमों से उसकी जांच करें, और केंद्र सरकार से जुड़ी संदिग्ध सामग्री की जानकारी पीआईबी फ़ैक्ट चेक को दें।

कुछ नहीं बदला है। चैनल आईएएम ने 28 सितंबर को बताया कि बैंक हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते हैं, और बाक़ी शनिवार कामकाज के दिन हैं। इसलिए पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को शाखाएं सामान्य रूप से खुली रहती हैं, जब तक कोई अलग छुट्टी लागू न हो।

यह फ़र्ज़ी नोटिस उस समय सामने आया, जब कुछ ही दिन पहले शनिवार की छुट्टियां सचमुच ख़बरों में थीं। बैंक यूनियनें पांच दिन के बैंकिंग सप्ताह की मांग कर रही हैं, जिससे हर शनिवार छुट्टी हो जाएगी।

बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की यूनियनों के साझा मंच, यूनाइटेड फ़ोरम ऑफ़ बैंक यूनियंस (यूएफ़बीयू), ने सभी शनिवार को छुट्टी समेत लंबित मुद्दों पर 28 से 30 सितंबर तक तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल बुलाई थी। चैनल आईएएम के अनुसार हड़ताल से पहले ग्राहक अपने लेन-देन पूरे कर सकें, इसके लिए बैंक रविवार, 27 सितंबर को खुले रहे, और हड़ताल में क़रीब 8 लाख बैंक अधिकारी और कर्मचारी शामिल होते।

27 सितंबर को रात 9.30 बजे यूनियनों की इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) से बैठक के बाद हड़ताल टाल दी गई। आउटलुक के मुताबिक़ दोनों पक्षों ने आईबीए और यूनियनों के प्रतिनिधियों की एक उच्च-स्तरीय समिति बनाने पर सहमति दी, जो बाक़ी शनिवार को भी छुट्टी घोषित करने की मांग की जांच करेगी, विकल्प तलाशेगी और सभी पक्षों से सलाह लेगी। चैनल आईएएम ने बताया कि समिति किसी हल की ओर बढ़ने से पहले ग्राहकों समेत सभी पक्षों से राय लेगी।

आउटलुक के अनुसार समिति स्केल IV और उससे ऊपर के अधिकारियों की परफ़ॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव योजना में बदलाव पर भी विचार करेगी, और प्रस्ताव सरकार को भेजे जाएंगे। हड़ताल टालने वाले 27 सितंबर के यूनियन परिपत्र पर सात यूनियनों के नेताओं के दस्तख़त थे: एआईबीईए के सी.एच. वेंकटचलम, एआईबीओसी के रूपम रॉय, एनसीबीई के एल. चंद्रशेखर, एआईबीओए के संजय ख़ान, बीईएफ़आई के देबाशीष बसु चौधरी, आईएनबीओसी के प्रेम मक्कड़ और आईएनबीईएफ़ के ओ.पी. शर्मा।

यानी पांच दिन के बैंकिंग सप्ताह को मंज़ूरी नहीं मिली है। अभी सिर्फ़ इस पर विचार के लिए समिति बनाने पर सहमति हुई है, और बैंक छुट्टियों में कोई भी बदलाव आधिकारिक अधिसूचना से होगा, सोशल मीडिया पर घूम रहे किसी दस्तावेज़ से नहीं।

बैंक छुट्टियों से जुड़े सरकारी आदेश आधिकारिक माध्यमों से जारी होते हैं। ऐसा कोई दस्तावेज़ शेयर करने से पहले देखें कि क्या वह सरकारी वेबसाइटों पर मौजूद है या पीआईबी ने उसके बारे में कुछ कहा है, और कुछ भी संदिग्ध लगे तो पीआईबी फ़ैक्ट चेक को बताएं।

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