भोपाल: मध्य प्रदेश कैबिनेट ने मंगलवार, 29 सितंबर को 24,500 करोड़ रुपये से ज़्यादा के विकास और कल्याण प्रस्तावों को मंज़ूरी दी और राज्य की पांच वर्दीधारी सेवाओं की भर्ती में अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण पर मुहर लगाई।
द हितवाद और द न्यूज़मिल के अनुसार भोपाल के मंत्रालय में हुई बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री मोहन यादव ने की। पत्रिका के मुताबिक़ बैठक के बाद सूक्ष्म और लघु उद्योग मंत्री चैतन्य कश्यप ने पत्रकारों को जानकारी दी।
कैबिनेट ने पुलिस आरक्षक, विशेष सशस्त्र बल, जेल प्रहरी, वनरक्षक और आबकारी आरक्षक के पदों पर भर्ती में अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण मंज़ूर किया। अग्निवीर वे सैनिक हैं, जिन्हें अग्निपथ योजना के तहत तय अवधि के लिए सशस्त्र बलों में भर्ती किया जाता है। द हितवाद के अनुसार होमगार्ड और पूर्व सैनिकों के लिए अलग प्रावधान जारी रहेंगे। रिपोर्टों में यह नहीं बताया गया कि आयु सीमा में छूट मिलेगी या नहीं।
सबसे बड़ी मद अतिथि शिक्षकों की मानदेय योजना को 2026-27 से 2030-31 तक पांच साल और जारी रखने के लिए 5,329.17 करोड़ रुपये की थी। इसके दायरे में सरकारी स्कूलों के 76,000 से ज़्यादा अतिथि शिक्षक आते हैं। कैबिनेट ने 2026-27 में कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों को डायरेक्ट बेनिफ़िट ट्रांसफ़र से गणवेश सहायता देने के लिए 348.07 करोड़ रुपये भी मंज़ूर किए।
पत्रिका के अनुसार स्कूल शिक्षा विभाग ने अनुकंपा आधार पर 900 से ज़्यादा लंबित नियुक्तियां पूरी कर ली हैं।
कैबिनेट ने दमोह और कटनी के बीच 105.10 किलोमीटर लंबी फ़ोर-लेन सड़क के लिए 4,470.30 करोड़ रुपये मंज़ूर किए, जो हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर बनेगी।
स्वास्थ्य के लिए मार्च 2031 तक चलने वाली तीन योजनाओं पर 3,245.80 करोड़ रुपये मंज़ूर हुए। इनमें से 3,113.27 करोड़ रुपये सामुदायिक, प्राथमिक और उप स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण के लिए, 20.90 करोड़ रुपये दवा नियमन को मज़बूत करने के लिए और 111.63 करोड़ रुपये दवा नियंत्रण के लिए हैं। इसके अलावा सिंगरौली ज़िला अस्पताल को 450 से 605 बिस्तरों का करने के लिए 372.12 करोड़ रुपये, और छिंदवाड़ा आयुर्विज्ञान संस्थान में अस्पताल के लिए 953.69 करोड़ रुपये मंज़ूर किए गए।
तीन सिंचाई परियोजनाओं को मंज़ूरी मिली:
कैबिनेट ने उज्जैन की कान्ह डायवर्ज़न परियोजना के लिए 358.22 करोड़ रुपये भी मंज़ूर किए। यह 30.15 किलोमीटर लंबी भूमिगत सुरंग है, जिसका मक़सद क्षिप्रा नदी में प्रदूषण पर क़ाबू पाना है। पत्रिका के अनुसार सुरंग का क़रीब 51 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
कैबिनेट ने 2026-27 से 2030-31 के लिए ग्रामीण विकास निधि के लिए 3,580.22 करोड़ रुपये मंज़ूर किए। इंडियन मास्टरमाइंड्स के मुताबिक़ यह पैसा ज़मीन के हस्तांतरण पर वसूले जाने वाले उपकर से आता है और पंचायतों के तीनों स्तरों, ख़ासकर जनपद और ज़िला पंचायत स्तर पर, बुनियादी ढांचे पर ख़र्च होगा।
अदालतों के लिए कैबिनेट ने विधि और विधायी कार्य विभाग की 14 योजनाओं को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 1,342.48 करोड़ रुपये मंज़ूर किए। इनमें हाई कोर्ट भवनों के लिए 372 करोड़ रुपये, महाधिवक्ता कार्यालय के लिए 357.77 करोड़ रुपये और राज्य न्यायिक अकादमी के भवन के लिए 200 करोड़ रुपये शामिल हैं। इंडियन मास्टरमाइंड्स के अनुसार राज्य भर की अधीनस्थ अदालतों में प्रोसेस सर्वरों के वेतन, भत्तों और यात्रा ख़र्च के लिए 622.37 करोड़ रुपये, और केंद्र प्रायोजित योजनाओं में बने अदालत भवनों की बकाया देनदारियों के भुगतान के लिए 691.01 करोड़ रुपये भी मंज़ूर हुए।
द हितवाद के अनुसार अन्य मंज़ूरियों में मऊगंज, छिंदवाड़ा, मैहर और टीकमगढ़ में हथकरघा कार्यालयों के 12 नए पदों के लिए 2.41 करोड़ रुपये शामिल हैं। पत्रिका ने बताया कि विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदायों के छात्रावासों को 1 रुपये किलो की दर से अनाज मिलेगा। उसकी रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि भारत की यूनेस्को अस्थायी सूची के 78 स्थलों में मध्य प्रदेश के 19 स्थल हैं, जिनमें बाघ गुफाओं के चित्र, गिन्नौरगढ़ क़िला, चंबल घाटी के मंदिर और उदयगिरि की गुफाएं शामिल हैं।





