बेंगलुरु: इंक42 के स्टार्टअप आईपीओ ट्रैकर के मुताबिक़, 4 अक्टूबर तक 2026 में चौदह भारतीय स्टार्टअप और नई अर्थव्यवस्था की कंपनियां शेयर बाज़ार में उतर चुकी थीं, और उनकी शुरुआत में बड़ा फ़र्क़ रहा: सबसे अच्छा शेयर इश्यू भाव से 76 फ़ीसदी ऊपर खुला, सबसे कमज़ोर 12 फ़ीसदी नीचे। 5 अक्टूबर को स्नैपडील की मूल कंपनी पंद्रहवीं बनी।
साल की शुरुआत कमज़ोर रही। जनवरी में 1,788.6 करोड़ रुपये जुटाने वाली मीडिया सॉफ़्टवेयर कंपनी अमागी अपने इश्यू भाव से करीब 12 फ़ीसदी नीचे लिस्ट हुई, और 1,907 करोड़ रुपये जुटाने वाली लॉजिस्टिक्स कंपनी शैडोफ़ैक्स 28 जनवरी को करीब 9 फ़ीसदी नीचे। साल का सबसे बड़ा इश्यू, 2,833.9 करोड़ रुपये का, एनालिटिक्स कंपनी फ़्रैक्टल का था, जो एनएसई पर अपने 900 रुपये के इश्यू भाव से 2.7 फ़ीसदी नीचे और बीएसई पर बराबर भाव पर लिस्ट हुई। कर्ज़दाता आय फ़ाइनेंस फ़रवरी में बराबर भाव पर लिस्ट हुई।
दूसरी छमाही बेहतर रही है। डेटा सेंटर कंपनी ईएसडीएस सॉफ़्टवेयर सॉल्यूशन 2 सितंबर को 429 रुपये के इश्यू भाव के मुक़ाबले एनएसई पर 757 रुपये पर लिस्ट हुई, यानी 76.5 फ़ीसदी का फ़ायदा। 1,617 करोड़ रुपये जुटाने वाली ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स कंपनी शिपरॉकेट 19 अगस्त को करीब 35 फ़ीसदी ऊपर लिस्ट हुई, और फ़र्नीचर किराये पर देने वाली रेंटोमोजो 17 सितंबर को करीब 19 फ़ीसदी ऊपर।
इंक42 के मुताबिक़, कर्ज़ देने वाला ऐप मनीव्यू 1 अक्टूबर को 34 रुपये के इश्यू भाव के मुक़ाबले बीएसई पर 55.6 रुपये पर लिस्ट हुआ, यानी 64 फ़ीसदी प्रीमियम। किश्त, सेडेमैक, लीप इंडिया और क्लासरूम भी इश्यू भाव से ऊपर लिस्ट हुए, जबकि जून में लिस्ट हुई टर्टलमिंट और सितंबर में पर्पल स्टाइल लैब्स नीचे खुलीं।
सबसे ताज़ा शुरुआत सबसे कमज़ोर में से रही। इंक42 के मुताबिक़, स्नैपडील की मूल कंपनी एसवेक्टर 5 अक्टूबर को बीएसई पर 28.30 रुपये पर लिस्ट हुई, जो उसके 32 रुपये के इश्यू भाव से 11.6 फ़ीसदी कम था, और दिन के अंत में भाव इश्यू भाव से 18 फ़ीसदी से ज़्यादा नीचे बंद हुआ।
क़तार लंबी है। ट्रैकर के मुताबिक़, मसौदा दस्तावेज़ दाख़िल कर चुकी कंपनियों में फ़ोनपे ने मार्च में अपनी आईपीओ योजना रोकी और सितंबर में फिर शुरू की, और वह मार्च 2027 तक 10 अरब डॉलर के लक्षित मूल्यांकन पर 10,700 करोड़ से 13,400 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। क्विक कॉमर्स कंपनी ज़ेप्टो, जिसे 8,010 करोड़ रुपये के नए इश्यू की मंज़ूरी है, ने अगस्त में आईपीओ से पहले 10.5 करोड़ डॉलर जुटाने और नक़दी की खपत घटाने के लिए अपनी योजना रोक दी, और अब फ़रवरी से मई 2027 के बीच लिस्ट होने की उम्मीद करती है।
ओयो की मूल कंपनी प्रिज़्म को 7 से 8 अरब डॉलर के लक्षित मूल्यांकन पर 6,650 करोड़ रुपये के नए इश्यू की मंज़ूरी है। भुगतान कंपनी रेज़रपे ने जून में 50 से 70 करोड़ डॉलर के आईपीओ के लिए आवेदन किया, और मेकमायट्रिप ने जुलाई में मौजूदा निवेशकों की शेयर बिक्री के लिए आवेदन किया, जिसका आकार 9,521 करोड़ रुपये बताया गया है। कुकू एफ़एम की मूल कंपनी कुकू टेक्नोलॉजीज़ को 2,500 करोड़ से 3,500 करोड़ रुपये के इश्यू की, और ज़ेटवर्क को 2,600 करोड़ रुपये के नए इश्यू की मंज़ूरी है। सीलिंग फ़ैन बनाने वाली एटमबर्ग ने अगस्त में आवेदन किया।
बैटरी बदलने की सेवा देने वाली बैटरी स्मार्ट अक्टूबर 2026 तक आवेदन करने की योजना बना रही है। उसके अलावा ट्रैकर में आवेदन की तैयारी कर रही कंपनियों में इनमोबी, ऑफ़बिज़नेस, पेयू इंडिया, कारदेखो, कल्ट.फ़िट और 2027 की पहली छमाही का लक्ष्य रखने वाली एको शामिल हैं।
इस साल की शुरुआतें एक साथ नहीं चलीं: ईएसडीएस, शिपरॉकेट और मनीव्यू इश्यू भाव से काफ़ी ऊपर खुले, जबकि अमागी, शैडोफ़ैक्स, टर्टलमिंट और एसवेक्टर काफ़ी नीचे। स्नैपडील की कमज़ोर शुरुआत के लिए इंक42 ने "लगातार घाटे, नकारात्मक परिचालन नक़दी प्रवाह और तीखी प्रतिस्पर्धा" की ओर इशारा किया।
माहौल आसान नहीं है। ऑल इंडिया रेडियो की रिपोर्ट किए डिपॉज़िटरी आंकड़ों के मुताबिक़, विदेशी पोर्टफ़ोलियो निवेशकों ने सितंबर में भारतीय शेयरों से शुद्ध रूप से 35,861 करोड़ रुपये निकाले, हालांकि वे नए इश्यू में पैसा लगाते रहे और महीने के दौरान प्राइमरी बाज़ार में 9,676 करोड़ रुपये निवेश किए। क़तार में खड़ी कंपनियों के लिए लिस्ट होने का समय इस पर निर्भर करेगा कि नए इश्यू की यह भूख बनी रहती है या नहीं।










