मुख्य सामग्री पर जाएं
सब्सक्राइब EEST TV वेबसाइटवेबसाइट

EEST TV ई-पेपर, मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

पेज 7 पर लौटें: टेक और स्टार्टअप

टेक

रेज़रपे ने ओपनएआई से हाथ मिलाया, भारतीय ब्रांडों को चैटजीपीटी विज्ञापनों तक लाएगी

चांदी रंग के लैपटॉप के कीबोर्ड पर टाइप करते हाथ

बेंगलुरु: इंक42 की 5 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक़, भुगतान कंपनी रेज़रपे ने भारतीय ब्रांडों को चैटजीपीटी पर विज्ञापन देने में मदद के लिए ओपनएआई के साथ अपनी साझेदारी बढ़ाई है। ब्रांड कंपनी के ग्रोथ मार्केटिंग प्लेटफ़ॉर्म, रेज़रपे एंगेज, का इस्तेमाल अपने उत्पाद कैटलॉग तैयार करने और चैटजीपीटी ऐड्स पर अभियान बनाने और चलाने के लिए करेंगे।

पहले से जुड़े ब्रांडों में आभूषण ब्रांड तनिष्क, घड़ी और चश्मा ब्रांड फ़ास्ट्रैक, बालों की देखभाल वाली कंपनी ट्राया, टाटा समूह का शॉपिंग ऐप टाटा न्यू, वैवाहिक साइट शादी.कॉम, बीमा कंपनी एक्सिस मैक्स लाइफ़, आभूषण ब्रांड पालमोनास और शिक्षा संस्थान एनएमआईएमएस शामिल हैं।

इंक42 के मुताबिक़, यह प्लेटफ़ॉर्म जांचेगा कि किसी व्यापारी का कैटलॉग चैटजीपीटी के लिए तैयार है या नहीं और उसे बेहतर बनाने में मदद करेगा, चैटजीपीटी ऐड्स पर अभियान बनाएगा और चलाएगा, और उनके प्रदर्शन को मापकर सुधारेगा। एआई एजेंट अभियानों में बदलाव करने में मदद करेंगे, और इन बदलावों पर इंसानों की निगरानी रहेगी।

रेज़रपे के मुख्य परिचालन अधिकारी राहुल कोठारी ने कहा, "लोगों के उत्पाद खोजने का तरीक़ा बदल रहा है। हो सकता है अगला ग्राहक किसी उत्पाद को सर्च न करे या किसी विज्ञापन को स्क्रॉल न करे; वह सीधे किसी एआई सहायक से पूछ ले।"

बिज़नेस टुडे की 27 अगस्त की रिपोर्ट के मुताबिक़, ओपनएआई ने अगस्त के आख़िर में भारत में चैटजीपीटी विज्ञापन शुरू किए। फ़्री और गो श्रेणी के लॉग-इन उपयोगकर्ताओं, जिसमें गो की क़ीमत 399 रुपये प्रति माह है, को जवाबों के नीचे प्रायोजित विज्ञापन दिखते हैं, जिन पर लेबल लगा होता है और जो चैटजीपीटी के जवाबों से अलग दिखते हैं, जबकि प्लस, प्रो, बिज़नेस, एंटरप्राइज़ और एजुकेशन उपयोगकर्ताओं को विज्ञापन नहीं दिखते। पहले हफ़्ते में 50 से ज़्यादा ब्रांडों के शुरू होने की उम्मीद थी, चैटजीपीटी ऐड्स मैनेजर से ख़ुद विज्ञापन ख़रीदने की सुविधा 4 सितंबर से 725 रुपये के न्यूनतम दैनिक बजट के साथ शुरू हुई, और डब्ल्यूपीपी और ओम्नीकॉम भारत में ओपनएआई की एजेंसी साझेदार हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक़, भारत 10 करोड़ से ज़्यादा साप्ताहिक उपयोगकर्ताओं के साथ चैटजीपीटी का दूसरा सबसे बड़ा बाज़ार है। विज्ञापनदाता चैट इतिहास, निजी जानकारी या मेमोरी नहीं देख सकते और उन्हें सिर्फ़ इंप्रेशन और क्लिक जैसे कुल आंकड़े मिलते हैं, और नाबालिगों को या स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य और राजनीति जैसे संवेदनशील विषयों के साथ विज्ञापन नहीं दिखाए जाते।

विज्ञापन का यह समझौता एक पुरानी परियोजना पर आधारित है। 9 अक्टूबर 2025 को रेज़रपे, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया और ओपनएआई ने चैटजीपीटी पर "एजेंटिक पेमेंट्स" के एक पायलट की घोषणा की थी, जिससे उपयोगकर्ता चैट छोड़े बिना यूपीआई से ख़रीदारी पूरी कर सकते हैं।

यह पायलट रेज़रपे के बैंकिंग साझेदारों, एक्सिस बैंक और एयरटेल पेमेंट्स बैंक, के ज़रिए चलता है और यूपीआई सर्कल और यूपीआई रिज़र्व पे जैसी यूपीआई सुविधाओं का इस्तेमाल करता है। किराना ऐप बिगबास्केट पहले व्यापारियों में शामिल था। कंपनियों के दिए उदाहरण में, उपयोगकर्ता चैटजीपीटी से कहता है कि "बिगबास्केट से 4 लोगों के लिए थाई स्टाइल वेजिटेबल करी की सामग्री ऑर्डर करने में मदद करो"; सहायक कैटलॉग देखता है, विकल्प देता है और एक पुष्टि के साथ रेज़रपे के ज़रिए ऑर्डर कर देता है। कंपनियों ने कहा कि रियल-टाइम ट्रैकिंग और तुरंत अनुमति वापस लेने की सुविधा से नियंत्रण उपयोगकर्ता के हाथ में रहता है।

तब रेज़रपे के मुख्य कार्यकारी हर्षिल माथुर ने कहा था कि मक़सद "एआई सहायकों को साधारण खोज उपकरणों से पूरी तरह शॉपिंग एजेंट बनाना" है। ओपनएआई के अंतरराष्ट्रीय रणनीति के प्रबंध निदेशक ओलिवर जे ने कहा था कि एआई "लोगों को उत्पाद खोजने में मदद करने से आगे बढ़कर उन्हें वास्तव में ख़रीदने में मदद कर रहा है, और साथ ही विक्रेताओं को लाखों लोगों तक पहुंचने में मदद कर रहा है।" 2025 की घोषणा के मुताबिक़, यूपीआई हर महीने 20 अरब से ज़्यादा लेनदेन संभालता है।

दोनों क़दम मिलकर चैट के भीतर खोज से ख़रीद तक का पूरा रास्ता तय करते हैं: किसी ब्रांड के उत्पाद विज्ञापनों और कैटलॉग सूचियों से खोजे जा सकते हैं, और बातचीत छोड़े बिना यूपीआई से उनका भुगतान हो सकता है। कंपनियों ने कहा कि वे ऐसे एआई भुगतानों को कॉमर्स के और क्षेत्रों तक बढ़ाने की संभावना तलाशेंगी, जिसमें भविष्य में ऐसे एजेंट भी शामिल हैं जो उपयोगकर्ता की ओर से "सुरक्षित और उपयोगकर्ता के नियंत्रण वाले तरीक़े से" लेनदेन पूरा करें।

रेज़रपे के लिए यह समझौता ऐसे समय आया है जब वह शेयर बाज़ार में उतरने की तैयारी कर रही है। इंक42 के आईपीओ ट्रैकर के मुताबिक़, कंपनी ने जून में 5 से 6 अरब डॉलर के लक्षित मूल्यांकन पर 50 से 70 करोड़ डॉलर के आईपीओ के लिए आवेदन किया।

किसी भी कंपनी ने विज्ञापन साझेदारी की वित्तीय शर्तें या यह नहीं बताया कि पहले समूह के बाद कितने ब्रांड इसमें जुड़ेंगे।

यह ख़बर EEST TV पर पढ़ें

सभी पेज

भौतिकी का नोबेल फ़्रांसिस हाल्ज़ेन को, जिन्होंने अंटार्कटिका की एक घन किलोमीटर बर्फ़ को न्यूट्रिनो दूरबीन बना दिया1. पहला पन्नावीबी-जी राम जी: नई ग्रामीण रोज़गार योजना में अब 375 तरह के काम, पहले से 41% ज़्यादा2. देशहवाई ईंधन 137 रुपये प्रति लीटर, लगातार तीसरी बढ़ोतरी; सरकार एयरलाइनों से बातचीत में3. राजनीतियमन सरकार ने हूती विद्रोहियों के ख़िलाफ़ "ऑपरेशन डॉन ऑफ़ यमन" छेड़ा, सऊदी वायुसेना का साथ4. दुनियामामाअर्थ बनाने वाली होनासा को बिक्री में 30% से ऊपर की बढ़त की उम्मीद, दुकानों पर दांव काम आया5. बिज़नेससेबी क्लोज़िंग ऑक्शन में एक्सपायरी के दिन के सेटलमेंट की समीक्षा कर रहा है, नकद बाज़ार गहरा करने की तैयारी6. बिज़नेस (II)विकिपीडिया चलाने वाली संस्था का आरोप: ओपनएआई के एजेंटों ने बिना मंज़ूरी बदलाव किए, आउटेज में भी हाथ हो सकता है7. टेक और स्टार्टअपस्नैपडील की मूल कंपनी एसवेक्टर इश्यू भाव से 11.6% नीचे लिस्ट हुई, 18% से ज़्यादा गिरकर बंद8. टेक और स्टार्टअप (II)एशियाई खेलों के स्वर्ण के बाद हरमनप्रीत कौर ने भारतीय महिला टीम की कप्तानी छोड़ी9. खेललैक्मे फ़ैशन वीक 13 अक्टूबर से दिल्ली में, नई मेकअप रेंज और मनीष मल्होत्रा की वापसी10. लाइफस्टाइल

EEST TV ई-पेपर EEST TV का डिजिटल प्रकाशन है। इसकी सामग्री eesttv.in से ली जाती है: हर तारीख़ के संस्करण में उसी दिन प्रकाशित ख़बरें होती हैं। कोई छपा संस्करण प्रकाशित नहीं होता।

ई-पेपर की तारीख़ चुनें

हर तारीख़ के संस्करण में उसी दिन प्रकाशित ख़बरें होती हैं। जिन तारीख़ों पर ख़बरें नहीं हैं, उनका संस्करण नहीं होता।

ई-पेपर